एम.एम.एम.ई. के तहत संचालित कार्यक्रम का प्रस्तुतीकरण 

देहरादून। सचिवालय सभागार में केन्द्र सरकार के एम.एस.एम.ई. सचिव डॉ0 अरूण कुमार पाण्डा के समक्ष प्रदेश सरकार द्वारा एम.एम.एम.ई. के तहत संचालित कार्यक्रम का विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया गया। एम.एस.एम.ई. सचिव भारत सरकार डॉ0 अरूण कुमार पाण्डा ने प्रदेश सरकार से एससी, एसटी उद्यमियों को उच्च तकनीकि प्रशिक्षण दिलाने के लिए उद्यमिता प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजने के अपेक्षा की तथा इस सम्बन्ध में पर्याप्त सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने क्लस्टर विकास योजना के अन्तर्गत और अधिक प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजने के अपेक्षा की।
प्रस्तुतीकरण के दौरान निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 5 क्लस्टर डेवलपमेंट प्रस्ताव तैयार कर दिये गये हैं तथा 04 प्रस्ताव तैयार करने का कार्य गतिमान है। प्रस्तुतिकरण के दौरान प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य सरकार द्वारा स्किल डेवलपमेंट हेतु ग्रोथ सेंटर स्थापित किये गये हैं उन्होंने और ग्रोथ सेंटर स्थापना हेतु केन्द्र सरकार से मैचिंग ग्राण्ट का अनुरोध किया जिस पर सचिव भारत सरकार द्वारा वांछित धन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। सचिव भारत सरकार द्वारा राज्य में अवस्थित औद्योगिक आस्थानों के विस्तारीकरण एवं उच्चीकरण तथा नये औद्योगिक आस्थानों की स्थापना हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये गये तथा इस योजना में पर्याप्त मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने जनपदों में स्थित जिला उद्योग केन्द्रों को निर्यातक सुविधा केन्द्र तथा उद्यमिता विकास केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु भी प्रस्ताव आमंत्रित किये तथा इस कार्य हेतु केन्द्र सरकार से बजट उपलब्ध कराने का स्वीकारोक्ति की। सचिव भारत सरकार ने बताया कि रामनगर में संचालित इलेक्ट्रॉनिक सेवा एवं प्रशिक्षण केन्द में बेरोजगार युवाओं को इलेक्ट्रोनिक प्रशिक्षण दिया जाता है तथा नये उद्यमियों को इससे सम्बन्धित व्यवसाय स्थापना में सुविधा प्राप्त होती है। साथ ही युवा आईटी यूनिट वाले उद्यमियों को अग्रिम तकनीकि प्रदान करने में सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि सितारगंज में भी केन्द्र सरकार द्वारा 200 करोड़ की लागत का एमएसएमई टूल रूम स्थापित किया गया है। उन्होंने प्रमुख सचिव उद्योग को निर्देश दिये कि समस्त जिलाधिकारियों को निर्देश दे कि वे अपने स्तर में एम.एस.एम.ई. मंत्रालय में संचालित विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं में अधिक से अधिक प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे। उन्होंने एसएलवीसी में भी इस बात को प्रमुखता से उठाने के निर्देश दिये। इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सचिव एमएसएमई का धन्यवाद ज्ञापित किया एवं विश्वास दिलाया कि उनके निर्देशन में प्रदेश एमएसएमई के क्षेत्र में नये आयाम हासिल करेगा। इस अवसर पर निदेशक इलेक्ट्रॉनिक सेवा एवं प्रशिक्षण केन्द्र के निदेशक संजीव कुमार क्षेत्री, केवीआईसी के निदेशक रामनारायण, महानिदेशक उद्योग एल0फैनई, उपनिदेशक उद्योग अनुपम त्रिवेदी सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

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